केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 19,100 करोड़ रुपये की राशि बांटी है. यह राशि 24 मार्च से लेकर के अभी तक किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की गई है.
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 19,100 करोड़ रुपये की राशि बांटी है. यह राशि 24 मार्च से लेकर के अभी तक किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की गई है. फिलहाल देश के 9.55 करोड़ किसान परिवारों को इस योजना से लाभ हुआ है.
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि इस दौरान सरकार ने किसानों को बीज उपलब्ध कराए गए हैं. इसके साथ ही राबी फसलों की खरीद भी जोर-शोर से जारी है. बारिश के मौसम में किसान इस बार 34.87 लाख हेक्टेयर जमीन पर चावल बोएंगे.
इतने हेक्टेयर जमीन पर होंगी दालें
सरकार के पास उपलब्ध डाटा के अनुसार करीब 12.82 लाख हेक्टेयर जमीन पर दालों का उत्पादन शुरू हो गया है. वहीं तिलहन में करीब 9.28 लाख हेक्टेयर जमीन पर फसल तैयार हो रही है. अभी तक नेफेड ने चना, सरसों और तुअर दाल को खरीदा है. इसके अलावा 337.48 लाख मीट्रिक टन गेंहू एफसीआई के गोदाम पर आया जिसमें से 326.96 लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदा गया है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसी भी किसान परिवार का हर बालिग सालाना खेती-किसानी के लिए 6000 रुपये की सरकारी मदद ले सकता है. शर्त ये है कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में उसका नाम हो. किसानों को डायरेक्ट मदद देने वाली पहली स्कीम में परिवार का मतलब है पति-पत्नी और 18 साल से कम उम्र के बच्चे. उसके अलावा अगर किसी का नाम खेती के कागजात में है तो उसके आधार पर वो अलग से लाभ ले सकता है. भले ही वो संयुक्त परिवार का हिस्सा ही क्यों न हो.
एक ही घर में कई लोगों को मिलेगा 6000 रुपये
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एक ही खेती योग्य जमीन के भूलेख पत्र में अगर एक से ज्यादा व्यस्क सदस्य के नाम दर्ज हैं तो योजना के तहत हर व्यस्क सदस्य अलग से लाभ के लिए पात्र होगा. इस स्कीम में तीन किश्तों में सालाना 6000 रुपये की नगद आर्थिक मदद मिलती है.
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